Monday, 21 August 2023

बटुवे में पल

बटुवे में पल

मैंने तुम्हें दिये थे वे
जो चुने हुए अनगढ़ से बनफूल
मुरझा गये होंगे, सूख गये होंगे
झड़ कर बिखर गये होंगे 
अपनी अक्खड़ डंठलों से 
और....
तुमने मुझे दिये हैं वे
प्यार की खुशबू भरे पल
वे महकते ही रहते हैं 
दिल के बटुवे की 
अन्दरूनी तहों में
अभी भी जस के तस...

रामनारायण सोनी
२७.०७.२३

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